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दिल्ली में बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट: बदलाव के दौर में नियम

दिल्ली अपने नियम नए सिरे से लिख रही है। 2007 का B&B अधिनियम अगस्त 2026 में रद्द हुआ और नई नीति अभी अंतिम नहीं है — इसलिए दोनों व्यवस्थाएँ समझना ज़रूरी है।

नई दिल्ली
फ़ोटो : नई दिल्ली — Subeesh Balan സുഭീഷ് ബാലൻ, CC BY-SA 3.0, Wikimedia Commons

लगभग बीस साल तक दिल्ली में अपने घर के कमरे मेहमानों को देने का एक ही रास्ता था: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (इनक्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम 2007 के तहत पर्यटन विभाग में रजिस्ट्रेशन। अब यह रास्ता बंद हो रहा है और नया बन रहा है।

अगस्त 2026 में क्या हुआ

11 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा ने सर्वसम्मति से दिल्ली बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट प्रतिष्ठान (निरसन) विधेयक 2026 पारित किया। रिपोर्टों के मुताबिक़ पहले से रजिस्टर्ड प्रतिष्ठानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, और लंबित आवेदन नई नीति लागू होने तक रोके रखे जाएँगे, फिर उसी के तहत निपटाए जाएँगे। सरकार का कहना है कि नई व्यापक B&B नीति मंत्रिपरिषद की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रही है।

पुरानी योजना की मुख्य शर्तें

मसौदा नीति में क्या प्रस्तावित है

मई 2026 में सुझावों के लिए जारी मसौदा B&B नीति में आठ कमरे और 16 बिस्तर तक की अनुमति, गोल्ड कमरों के लिए कम से कम 120 वर्ग फ़ुट और सिल्वर के लिए 100 वर्ग फ़ुट का प्रस्ताव है। स्व-प्रमाणन पर आधारित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सात कार्यदिवस में मानी गई मंज़ूरी (deemed approval), पुलिस सत्यापन, मेहमानों का रिकॉर्ड, अग्निशामक, स्मोक डिटेक्टर, फ़र्स्ट-एड किट और प्रवेश या साझा जगहों पर CCTV भी प्रस्ताव में हैं। रेस्टोरेंट, बार और बैंक्वेट की अनुमति नहीं होगी, और केवल वैध रूप से बने रिहायशी मकान ही पात्र होंगे।

मालिक के परिवार के वहीं रहने की शर्त अंतिम नीति में रहेगी या नहीं, इस पर ख़बरें अलग-अलग हैं। अधिसूचना आने तक हम इस पर अनुमान नहीं लगाते।

अभी मालिक क्या करें

जो नियम हर हाल में लागू हैं

विदेशी मेहमान, OCI कार्डधारक समेत, के आने के 24 घंटे के भीतर indianfrro.gov.in पर Form-III (पहले Form C) भरना आप्रवासन और विदेशियों विषयक अधिनियम 2025 के तहत अनिवार्य है। कमरे पर GST राष्ट्रीय नियमों से: ₹7,500 प्रति रात तक 5%, उससे ऊपर 18%।

लॉजिंग हाउस अलग मामला है

अगर आपका इरादा ख़ुद घर में रहकर कमरे देने का नहीं, बल्कि लॉजिंग हाउस जैसा संचालन है, तो Airbnb की दिल्ली गाइड के अनुसार उसका लाइसेंस पर्यटन विभाग नहीं, दिल्ली पुलिस की लाइसेंसिंग यूनिट देती है।

दिल्ली में हमारी स्थिति

दिल्ली का मॉडल हमेशा उस मेज़बान का रहा है जो ख़ुद घर में रहकर ख़ाली कमरे मेहमानों को देता है। जब तक नया ढाँचा तय नहीं होता, हम दिल्ली में पूरे फ़्लैट का प्रबंधन नहीं लेते। नीति अधिसूचित होने के बाद हम घर में रहने वाले मालिक की मदद कर सकते हैं — लिस्टिंग, किराया, मेहमानों से बात और Form-III — रजिस्ट्रेशन मालिक के नाम पर ही रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

delhi me airbnb chalane ke liye license chahiye kya?

2007 की योजना में B&B का पर्यटन विभाग में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी था। वह क़ानून अगस्त 2026 में रद्द हुआ और नई नीति आने वाली है — शुरू करने से पहले विभाग से पूछें।

क्या दिल्ली की B&B योजना अभी खुली है?

विधानसभा ने 11 अगस्त 2026 को 2007 का अधिनियम रद्द किया। रिपोर्टों के अनुसार लंबित आवेदन नई नीति लागू होने तक रुके रहेंगे।

नई नीति में कितने कमरों की अनुमति होगी?

मई 2026 के मसौदे में आठ कमरे और 16 बिस्तर प्रस्तावित हैं। यह मसौदा है, बदल सकता है।

पुराना प्रमाणपत्र कितने समय तक वैध था?

2007 की योजना में प्रमाणपत्र दो साल के लिए जारी होता था। अपनी समाप्ति तिथि विभाग से पक्की करें।

स्रोत

अपडेट 27/09/2026 — नियम बदलते रहते हैं: हमेशा नवीनतम आधिकारिक पाठ देखें।

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